खुला क्षेत्र लाइसेंसिंग के तीसरे दौर में 23 तेल ब्लॉकों की पेशकश, 70 करोड़ डॉलर निवेश होने की उम्मीद

ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश। भारत ने रविवार को खुला क्षेत्र लाइसेंसिंग नीति (ओएएलपी) के तीसरे दौर की बोली के लिए 23 तेल एवं गैस तथा सीबीएम ब्लाक की पेशकश की है। उम्मीद है कि इसमें 70 करोड़ डॉलर (करीब 5,000 करोड़ रुपये) का निवेश होगा और घरेलू उत्पादन बढ़ाने तथा आयात कम करने में मदद मिलेगी। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रोटेक 2019 सम्मेलन में ओएएलपी के तीसरे दौर की बोली का शुभारंभ किया। प्रधान ने कहा, तीसरे दौर में जिन 23 ब्लॉकों की पेशकश की जा रही है, उनमें से 12 नदी घाटी क्षेत्र में है। इनमें से पांच कोल बेड मीथेन (सीबीएम) ब्लॉक है। कुल 31,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की पेशकश की जा रही है। बोली के लिए अंतिम तिथि 10 अप्रैल है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ओएएलपी का तीसरा दौर, ओएएलपी के दूसरे दौर के साथ-साथ चलेगा। दूसरे दौर में पेश किए गए 14 ब्लॉक करीब 30,000 वर्ग किलोमीटर में फैले हैं। उन्होंने कहा कि ओएएलपी के पहले दौर के 55 ब्लॉक 60,000 वर्ग किलोमीटर में फैले हुए, इनकी पेशकश जनवरी 2018 में की गई थी और अक्टूबर में ठेका दिया गया था। प्रधान ने कहा, एक साल में हमने तेल एवं गैस खोज के लिए करीब 1.2 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को जोड़ा है। इससे पहले 90,000 वर्ग किलोमीटर ही तेल-गैस खोज प्रक्रिया के तहत था। उन्होंने कहा कि हमारी योजना देश के सभी उथले समुद्री घाटियों (सेडमेंटेरी बेसिन) में खोज को बढ़ावा देना है। बयान में कहा गया है कि तीसरे दौर की बोली से 60 से 70 करोड़ डॉलर के निवेश प्रतिबद्धता मिलने की उम्मीद है। पिछले साल ओएएलपी के पहले दौर में 55 ब्लॉक में तेल एवं गैस की खोज के लिये 60,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई है।

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