दिल की बीमारी के जोखिम से बचने के 5 तरीके

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया में सबसे ज्यादा मौतें हार्ट की बीमारियों से होती हैं। 2016 के आंकड़े बताते हैं कि उस साल हार्ट संबंधी बीमारियों यानी कार्डियोवस्क्युलर डिजीज से 1.79 करोड़ लोगों ने जान गंवाई। यह दुनिया में हुई कुल मौतों का 31 फीसदी  हिस्सा था।

हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाने वाले फैक्टर्स में शामिल हैं- हायपरटेंशन, कॉलेस्ट्रॉल बहुत बढ़ना, डायबिटीज, वजन ज्यादा होना, खराब डाइट और एक्सरसाइज की कमी। इन सभी समस्याओं से निपटने में वक्त लगता है। रोजमर्रा के जीवन जीने के तौर- तरीकों यानी लाइफस्टाइल से जुड़ी चीजों का लंबे समय तक ध्यान देना होता है, लेकिन कुछ ऐसे कदम भी हैं, उन्हें उठाकर तत्काल राहत मिल सकती है और खुद को सेहतमंद रखा जा सकता है-

1. परिवार के साथ वक्त बिताएं
विभिन्न अध्ययनों में कहा गया है कि परिवार और दोस्तों के साथ रहने से दिल के रोग या हार्ट डिजीज का खतरा कम होता है। जो पति-पत्नी साथ रहते हैं, उनकी तुलना में अकेले रहने वालों में यह बीमारी जल्दी घर करती है। इस पर ब्रिटिश मेडिकल जर्नल के जून 2018 के अंक में बड़ा विश्लेषण प्रकाशित किया गया है। इसमें लिखा गया है कि तलाकशुदा, गैरशादीशुदा या सिंगल लोगों में हार्ट की बीमारी की आशंका शादीशुदा लोगों की तुलना में ज्यादा होती है। 20 लाख से ज्यादा महिलाओं और पुरुषों पर किए गए 34 अध्ययनों के बाद यह रिपोर्ट तैयार की गई थी। इसके मुताबिक, महिला हो या पुरुष, सामाजिक-आर्थिक और जनसांख्यिकीय स्थितियां भी चाहे जो हो, दूसरों के साथ रहना हार्ट की तंदुरुस्ती के लिहाज से फायदेमंद होता है।   

यूरोपियन स्टडी ऑफ कार्डियोलॉजी में 2018 में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, अकेलापन हार्ट पर असर डालता है और इससे स्ट्रोक, एरिथमिया, हार्ट वॉल्व डिजीज और हार्ट फेल जैसी कार्डियोवेस्क्युलर बीमारियां होती हैं। यह भी सच है कि आज लोगों में अकेलापन बहुत बढ़ गया है। यानी हार्ट की बीमारियों का खतरा भी बढ़ा है। 

2. घर में पैट पालें
घर में पालतू डॉगी या कैट है, तो आपको जानते होंगे कि इनके साथ रहने का मजा ही अलग है। अकेलेपन में ये इन्सान के बहुत अच्छे साथी साबित होते हैं। ये बेजुबान होकर भी इन्सान को सपोर्ट करते हैं। कई बार साबित हो चुका है कि डॉग इन्सान का सबसे अच्छा दोस्त होता है। जिन लोगों के पास डॉग होता है, वे न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत होते हैं। कैट भी बहुत अच्छी तरह इंसान के साथ रहती है। इसलिए यदि हार्ट डिजीज से दूर रहना है तो डॉगी या कैट पाल लें।

3. शारीरिक संबंध बनाएं
अधिकांश हार्ट के मरीज शारीरिक संबंध बनाने से डरते हैं। उन्हें लगता है कि इससे उन्हें हार्ट अटैक आ जाएगा। अमेरिका में जॉन हॉप्किंग सेंटर फॉर द प्रिवेंशन ऑफ हार्ट डिजीज में क्लीनिकल रिसर्च के डायरेक्टर मिशेल ब्लाहा इस डर का एक समाधान निकाला है। उनका कहना है कि यदि कोई करीब डेढ़ किलोमीटर तक जॉगिंग कर लेता है या बिना किसी परेशानी के सीढ़ियां चढ़ लेता है तो उसके लिए शारीरिक संबंध बनाना सुरक्षित है और ऐसा करने के दौरान हार्ट अटैक की आशंका कम होती है। इसके अलावा विभिन्न अध्ययनों में पता चला है कि हफ्ते में दो या तीन बार शारीरिक संबंध बनाने से कार्डियोवेस्क्युलर हेल्थ में सुधार आता है। हालांकि एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऐसा खुशहाल जिंदगी के कारण होता है, न कि शारीरिक संबंध बनाने से। फिर भी इसके हार्ट पर होने वाले पॉजिटिव असर से इन्कार नहीं किया जा सकता है। 

4. छुट्टियां मनाएं
छुट्टियां किसे अच्छी नहीं लगतीं भला? कुछ समय ऑफिस से दूर रहने पर दिमाग के साथ ही शरीर भी तरोताजा हो जाता है। अमेरिका की सिराकस यूनिवर्सिटी में प्रकाशित रिपोर्ट्स के अनुसार, छुट्टियां हार्ट के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं। इसको लेकर 63 कर्मचारियों पर 12 माह तक अध्ययन किया गया था। निष्कर्ष निकला कि जो लोग छुट्टियां मनाते हैं उनमें हार्ट डिजीज और डायबिटीज की आशंका कम होती है। 

5. कॉलेज डिग्री हासिल करें
कॉलेज जाना और पढ़ाई करके डिग्री हासिल करना बहुत मुश्किल और तनावभरा काम है, लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि जिंदगी में आगे चलकर इसके बड़े फायदे हैं। उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए जो 3.6 साल खर्च किए जाते हैं, उनसे कार्डियोवेस्क्युलर डिजीज की आशंका एक तिहाई तक कम हो जाती है। पढ़े-लिखे लोग हार्ट संबंधी बीमारियों के लक्षणों से परिचित होते हैं और जैसे ही कोई आशंका होती है, वे डॉक्टर की मदद लेते हैं।

(यह स्वास्थ्य आलेख www.myupchar.com द्वारा लिखा गया है, जो सेहत संबंधी भरोसेमंद सूचनाएं प्रदान करने वाला देश का सबसे बड़ा स्रोत है।)

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