मिशन ग्रीन इंडिया और विश्व महायज्ञ महोत्सव का हुआ शुभारंभ

नई दिल्ली, । पर्यावरण की रक्षा करने, बढ़ावा देने और प्रदुषण मुक्त वातावरण को पुनः स्थापित करने के उद्देश्य से स्वच्छ पर्यावरण ट्रस्ट द्वारा गुरुवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में मिशन ग्रीन इंडिया का अनावरण किया गया। इस पहल के तहत देश के 108 शहरों की यात्रा कर 10 करोड़ से अधिक वृक्ष लगाए जायेंगे।

इस मौके पर स्वच्छ पर्यावरण ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी मंजीत सिंह ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि फरवरी 2020 में मिशन ग्रीन इंडिया के पुरे होने पर विश्व महायज्ञ महोत्सव का आयोजन किया जायेगा, जिसके अंतर्गत विश्व के पहले और विशाल 108000 कुंडिय महायज्ञ (एक लाख आठ हजार कुंडीय) के आयोजन से सम्पूर्ण वातावरण को पवित्र करने का प्रयास किया जायेगा और नवीन स्फूर्ति की संरचना की जाएगी।

मंजीत सिंह ने कहा, पर्यावरण की शुद्धता को बनाए रखने के स्वच्छ पर्यावरण ट्रस्ट यह अभियान चला रहा है, जिसके माध्यम से वर्ष 2019 में देश के 108 शहरों की यात्रा कर 10 करोड़ से अधिक वृक्षारोपण किया जायेगा और साथ ही साथ जनता के साथ अपने विचार साझा भी किये जायेंगे ताकि हर कोई अपने आप को इस मिशन से जोड़ सके और पर्यावरण को बचाने के लिए अपनी तरफ से सक्षम कदम उठायें। हमने भारत सरकार से प्रेरित होकर हमने मिशन ग्रीन इंडिया और विश्व महायज्ञ महोत्सव का आयोजन करके प्रदुषण मुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया है। साथ ही ट्रस्ट ने सभी धर्म संप्रदाय, जाती बिरादरी, राजनैतिक व सामुदायिक दलों को प्रदुषण मुक्त भारत और स्वच्छ भारत के इस पुनीत कार्य में जोड़ने का आवाहन किया है।

उन्होंने आगे कहा कि पर्यावरण बचाने के लिए वृक्षारोपण महत्वपूर्ण है क्यूंकि वृक्ष ऑक्सीजन का स्रोत हैं। जहाँ एक तरफ वृक्ष कार्बन डाइऑक्साइड खुद लेते हैं वहीँ सल्फर डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड सहित कई हानिकारक गैसों को भी अवशोषित करते हैं और वातावरण से हानिकारक प्रदूषक को भी फिल्टर करते हैं जिससे हमें ताजा और साफ हवा सांस लेने के लिए मिलती है.इसके अलावा भी वृक्षारोपण के अनेक लाभ हैं जैसे जैव विविधता को बनाए रखना, पानी का संरक्षण, वातावरण नियंत्रण, मिट्टी का संरक्षण व अन्य।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सिंह ने विश्व महायज्ञ महोत्सव के बारे में चर्चा की और कहा, इस हरित यात्रा के समापन के अवसर पर विश्व यज्ञ महोत्सव का आयोजन किया जायेगा, जो अपने आप में विशाल और विश्व का पहला 108000 कुंडीय यज्ञ होगा.फरवरी 2020 में होने वाले 9 दिवसीय 108000 कुंडीय यज्ञ स्वच्छ पर्यावरण के प्रति आध्यात्मिक परंपरा और वैज्ञानिक दृश्टिकोण का अलोकिक संगम होगा। प्राचीन काल से ही यज्ञ को वैज्ञानिक और पर्यावरणीय लाभों के कारण सबसे पवित्र प्रथाओं में से एक माना जाता रहा है जिसके कारण विभिन्न जीवाणु खत्म तो होते ही हैं और साथ ही साथ यज्ञ में डाली गई आहुतियों से टनों ऑक्सीजन का श्राव होता है जिससे प्रदूषित वातावरण शुद्ध होता है।

भाजपा के प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा, मैं स्वच्छ पर्यावरण ट्रस्ट के इसप्रयास के लिए बधाई और धन्यवाद देता हूं की उन्होंने मुझे इसके अनावरण में बुलाया. वृक्षारोपण पारिस्थितिक संतुलन और समन्वय को बनाए रखने में सहायकतो होता ही है और साथ ही साथ आस पास की हरियाली भी बढ़ाता है.इस मिशन के जरिये देश के हरित विकास में सहायता मिलेगी.यह मिशन हमारीसरकार द्वारा चलाई गई मुहीम को भी सफल बनाने में मददगार साबित होगा।

अपने सम्बोधन में प्रोफेसर और वैज्ञानिक डॉ. मोनॉवर आलम खालिद ने 10 करोड़ वृक्षारोपण के महत्व पर चर्चा करते हुए मंत्रालय, अनुसंधान संगठनों, शिक्षाविदोंऔर आम लोगों की भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि पेड़ हमारे सबसे अच्छे दोस्त हैं, जो हमें ऑक्सीजन देते हैं और हमारे देश की सुंदरता को भीबढ़ाते हैं .इतने बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में भाजपा के प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम, लखनऊ के इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के इनवायरमेंटल साइंस एवं डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर के विभागाध्यक्ष प्रो. मोनॉवर आलम खालिद बेटी एंड शिक्षा फाउंडेशन की संस्थापक और निदेशक रेणु शर्मा, प्रसिडेंसियल इस्टेट डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के पूर्व नियंत्रक कर्नल अशोक किन्नी भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य और किसान मोर्चा हरियाणा के प्रभारी दिनेश सिंह गित, स्वच्छ पर्यावरण ट्रस्ट के एडवोकेट हनुमान सिंह पालवास, अशोका फैलो व सोशल एक्टिविस्ट अश्विनी त्यागी सहित कई गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

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